हमारा विद्यालय, हमारा विश्वास
श्री शिव प्रसाद संस्कृत महाविद्यालय ज्ञानार्जन का एक पवित्र स्थान ही नहीं अपितु हमारी एक सांस्कृतिक धरोहर भी है।
प्राधानाचार्य के अनवरत प्रयत्न और शिक्षकों के अथक प्रयास, विद्यार्थियों को गहन अध्ययन तो करा ही रहे हैं, साथ ही उनके बाल मन को भारतीय संस्कृति और संस्कारों से इस तरह प्रभावित कर रहे है कि यह सब उनके स्वाभाव और व्यक्तित्व में प्राकृतिक रूप से समा सके।
हमारा यह विद्यालय, भारतीय संस्कृति को, नव पीढ़ी के आचरण में साकार करने का एक छोटा सा प्रयास है।
हमारा यह प्रयास आज छोटा भले ही हो लेकिन कल इसका प्रभाव बड़ा हो कर जन-जन को दिखेगा, ऐसा हमारा विश्वास है।
हमारे बढ़ते कदम
हम जो कार्य करना चाहते हैं वह निश्चय ही विशाल है। हमारे संसाधन सीमित हैं। लेकिन हमारा मानना है कि हमारे पास जो है, वही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।
हमारी शक्ति ही हमें, अब तक मिली सफलताओं की बार-बार याद दिखाती है और निरन्तर आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित करती है।
जिस प्रकार एक पहलवान अपनी शक्ति का प्रयोग, व्यायाम एवं वर्जिश करके, अपनी शक्ति बढ़ाने के लिए करता है, उसी प्रकार हम भी छोटी छोटी सफलताओं से और उनसे उत्पन्न आत्म-संतोष से अपने मनसूबों को और सशक्त बना रहे हैं और आगे बढ़ रहे हैं।
यह विद्यालय वर्षों पुराना है। इसका अपना एक इतिहास है। इतिहास इस बात का साक्षी है कि विद्यालय काफी समय पहले, तेज भागती आधुनिकता के पैरों तले रौंदा गया था, अभावों का शिकार हुआ था। इसकी चमक, जो कभी इसकी पहचान थी, धीरे धीरे धूमिल पड़ गई थी और यह विद्यालय लगभग नष्ट सा हो गया था।
यह सच है कि कभी कभी, जीवित रहने की चाह ही जीवन-परिवर्तन का कारण बनती है। वही लोगों की सोच बदलती है। नए लोगों को नए उत्साह के साथ जोड़ती है और उनसे ऐसे कार्य करवाती है कि परिवर्तन सम्भव हो सके।
समय ने करवट ली, भारतीय संस्कृति को पुर्नजीवित करने की चाह प्रबल हुई और यह विद्यालय, इतिहास के पन्नों से निकल कर बाहर आने लगा। यह ठीक वैसे ही था, जैसे अंडे को तोड़ कर कोई पक्षी बाहर आता है।
आज परिजनों का एक बड़ा समूह इस पक्षी को अपने प्रयत्न एवं प्रयासों से परिपोषित कर रहा है और यह पक्षी बड़ा हो रहा है।
हमें विश्वास है कि आप सभी परिजनों के सहयोग से यह पक्षी एक दिन भारतीय संस्कृति के आकाश में ऐसी उड़ान भरेगा जिस पर सभी सहयोग-कर्ताओं को आत्मसंतोष होगा और आप कहेंगे कि हमारे प्रयास सफल हुए।